Thursday, December 1, 2016

तेरी यादों में जिए जाता हूँ

कुछ यूँ  खुद से, छल मैं किये जाता हूँ ,
तू न सही , तेरी यादों में जिए जाता हूँ।  

किया जो वादा, न बहेंगे मोतियों जैसे आँसू ,
उनकी हिफाज़त मैं, बन के सीप किये जाता हूँ। 

तेरी उम्मीदें, ख़्वाहिशें, सपने, मन्नतें  तेरी,
'वो' करें पूरी,  दुआयेँ  मैं किये जाता हूँ। 

बन के ख़्वाब यूँ नींद में ना आया करो ,
कि उसे मैं हक़ीक़त में जिए जाता हूँ। 

बन के ख़ुशबू , फिजाओं में सदा बिखरे रहो,
कि इसी उम्मीद में , मैं साँस लिए जाता हूँ। 

रहो आबाद सदा अपनी हसीन दुनिया में,  
मैं वो शख़्श हूँ, जो दुआओं में जिए जाता हूँ।  

अनुभूतियाँ, २०२०

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